भाभी ने पति के सामने चूत चुदवाई

Mast Chudai Padosan Ki

मस्त चुदाई का मजा लिया मैंने जब अपनी पड़ोसन भाभी को उनके पति के सामने चोदा. उनके पति ने ही मुझे अपने घर बुलाया था और शरारत भी उन्होंने शुरू की थी. Mast Chudai Padosan Ki

Original Antarvasna

हाय, मैं दीपक फिर से एक और नई सेक्स कहानी के साथ हाजिर हूँ.

सभी लड़कियां अपनी चूत पर और लड़के अपने लंड पर हाथ रख लें.

आपने मेरी पिछली कहानी को बहुत प्यार दिया था. उसके लिए आप सब लोगों का तहे दिल से धन्यवाद.

आपने मेरी पिछली सेक्स कहानी
पड़ोसन भाभी की चुदाई
पढ़ी होगी.
जिन्होंने नहीं पढ़ी हो, वो एक बार अवश्य पढ़ें. उसका लिंक ऊपर दे दिया है.

उस दिन से भाभी की रोज मस्त चुदाई होने लगी. भाभी मेरे लंड के साइज और दमदार चुदाई से बहुत खुश थीं.

भाभी के बारे सभी को पता ही होगा.
मैं उनकी जितनी तारीफ करूं, उतनी ही कम है.

भाभी बहुत ही सुंदर हैं, उनका नाम सोनिया है.
उनका फिगर 34-28-36 का है. रंग एकदम गोरा, चेहरा एकदम हीरोइन आलिया भट्ट जैसा.

भाभी की चुदाई होते हुए चार महीने हो गए थे. उसके बाद लॉकडाउन लग गया था तो उनके पति घर पर ही रहने लगे.

मैं एक महीने तक भाभी की चुदाई नहीं कर पाया.
भाभी का भी मेरे लंड के बिना बुरा हाल था.

वैसे तो मेरे पास में थीं लेकिन उनके पति कहीं नहीं जाते थे उस वजह से मैं भाभी को नहीं चोद पाया.

एक दिन भाभी ने मुझे कॉल किया- दीपक, कैसे भी मुझे चोद दो.
मैंने कहा- कैसे चोदूं यार … आपके पति तो सारा दिन घर पर ही रहते हैं?

भाभी बोलीं- मुझे नहीं पता, कैसे भी करो, मुझे बस आपका लंड चाहिए.
मैंने कहा- अपने पति को बोल दो कि आपकी चूत उनके लंड से संतुष्ट नहीं होती है.

भाभी बोलीं- हां आज बोल ही दूंगी.
ये कह कर भाभी ने फोन काट दिया.

अब भाभी ने मुझे जो बताया:

उस रात को नौ बजे भाभी और उनके पति बेड पर साथ में लेटे थे.
पति ने धीरे से बूब्स पर हाथ रखा और उन्हें दबाने लगा.

भाभी ने झटके से पति का हाथ अलग कर दिया और बोलीं- मुझे गर्म मत करो, जब ठंडी ही नहीं कर पाते हो तो क्यों परेशान करते हो.
उनके पति को गुस्सा आ गया, वो बोला- ले साली आज अपने लंड से तेरी चूत फाड़ ही देता हूँ.

भाभी बोलीं- चूत तो बाद में फाड़ना, पहले मेरी चूत की आग ही शांत कर दो तो बहुत है.
पति ने कहा- रुक जा रंडी … अभी देख क्या करता हूँ.

भाभी- हां हां दिखाओ.
वो जोश में आकर बोला- पहले मेरा लंड मुँह में लेकर चूस, फिर चोदता हूं.

भाभी लंड मुँह में लेकर चूसने लगीं.
दो मिनट में उनके पति ने भाभी के मुँह में ही पानी छोड़ दिया.

भाभी ने सारा पानी गटक लिया और लंड बाहर निकाल कर बोलीं- मैंने बोला था मत करो मुझे गर्म … अब कैसे शांत करूं मैं अपनी चूत को?
उनका पति कुछ नहीं बोला, बस करवट लेकर सो गया.

भाभी ने रात में तीन चार बार उसे उठाया और कहा कि चोदो मुझे.
वो एक बार भी नहीं उठा.

सुबह भाभी अपने पति से नाराज थीं.

पति ने कहा- लो अभी तेरी गर्मी शान्त कर देता हूँ.
भाभी बोलीं- रहने दो, आपसे कुछ नहीं होगा.

उनका पति बोला- नहीं, इस बार पक्के में ठंडी कर दूंगा.
भाभी बोलीं- ठीक है आ जाओ.

वो दोनों बेडरूम में आ गए.
एक दूसरे को किस करने लगे.

भाभी के पति उनके बूब्स दबाने लगा. भाभी उसका लंड सहलाने लगीं.

थोड़ी देर में चुदाई का माहौल बन गया क्योंकि उन दिनों उनके अलावा घर में कोई नहीं था.

भाभी की चूत में आग लग चुकी थी, वो बोली- आ जाओ, जल्दी से चोदो मुझे.
उनके बीच चुदाई शुरू हुई.

दस पन्द्रह झटके मार कर उनके पति का पानी निकल गया.
भाभी को बहुत गुस्सा आया और बोलीं- मुझे नहीं रहना आपके साथ, मैं चली जाऊंगी. मैं सबको बता दूँगी कि क्यों जा रही हूँ.

उनके पति उनसे मिन्नतें करने लगे- ऐसा मत करो, कहीं मत जाओ. मैं अपना इलाज करा लूंगा.
भाभी बोलीं- इलाज विलाज से कुछ नहीं होगा और वैसे भी आपका लंड तो बस चार इंच का ही है. उससे मैं क्या, कोई भी औरत शान्त नहीं होगी.

तीन चार दिन ऐसे ही लड़ाई झगड़े में निकल गए.

एक दिन सुबह 9 बजे उनके पति का कॉल मेरे मोबाइल पर आया.
वो बोला- दीपक मेरे घर आ सकते हो?
मैंने जल्दी में बोल दिया- हां अभी आता हूँ.

थोड़ी देर बाद मैंने सोचा कि कहीं इसको मेरे और भाभी के अफेयर के बारे तो नहीं पता चल गया.
फिर सोचा कि जो होगा, देखा जाएगा … चलते हैं.

दस मिनट बाद मैं उनके घर गया, बेल बजाई.

उनके पति ने दरवाजा खोला.
दरवाजा खोलते ही उनके पति बोले- आओ दीपक यार तुमने तो मेरे घर ही आना बंद कर दिया. तुम तो पड़ोसी हो … तुमसे कैसा कोरोना … तुम तो आ ही सकते हो.

मैंने कहा- हां मैं थोड़ा बिजी था, इसलिए नहीं आ पाया.
वो बोले- अच्छा आजकल भी बिजी रहते हो.

मैं कुछ नहीं बोला और अन्दर आकर सोफे पर बैठ गया.
मेरे सामने भाभी का पति बैठ गया.

मैं बोला- भाभी दिखाई नहीं दे रही हैं?
भाभी की मेरे आने से पहले चुदाई को लेकर झगड़ा हो गया था इसलिए वो बेडरूम में लेटी थीं.

भाभी के पति ने आवाज लगाई- देखो, दीपक आया है.
मेरा नाम सुनते ही भाभी एकदम खुश हो गईं और मुस्कराती हुई अन्दर से भागती हुई आईं.

वो अपने पति के बगल में बैठ गईं और बोलीं- आप तो मुझे भूल ही गए. अब तो आप हमारे घर आते ही नहीं हो?

फिर अपने पति की ओर इशारा करती हुई बोलीं- ये आपको बहुत याद करते हैं.
पति बोलने लगा- हां दीपक, आज कल बहुत बोर हो गया हूँ.

फिर ऐसे ही थोड़ी देर इधर उधर की बातें हुईं, भाभी अपने पति से सटती जा रही थीं.
उनके पति भी खुश थे.

मेरे आने से पहले भाभी अपने पति से नाराज थीं, किसी भी तरह मान ही नहीं रही थीं.
अब वो हम दोनों से खुशी खुशी बात कर रही थीं.

धीरे धीरे भाभी मेरे सामने ही अपने पति की जांघ के जोड़ पर हाथ रखने लगी थीं.
उनके पति ने दबी आवाज में कहा- क्या कर रही हो, मुझे कुछ हो जाएगा. सामने दीपक भी बैठा है.

भाभी जल्दी से बोलीं- क्या हो जाएगा?
उनके पति मरी सी आवाज में बोले- क..कुछ नहीं.

भाभी बोलीं- नहीं, बोलो क्या हो जाएगा?
उनके पति गर्म हो गए और बोले- खड़ा हो जाएगा.

भाभी बोल पड़ीं- क्या खड़ा हो जाएगा?
पति फिर मरी सी आवाज में बोले- कुछ नहीं.

भाभी बोलीं- नहीं नहीं, बोलो ना … क्या खड़ा हो जाएगा. कभी होता भी है कि आज ही खड़ा हो जाएगा.
यह सब सुन कर मेरे 6.5 इंच के लंड का बुरा हाल था.

उनके पति भी जोश में आ गए- हां खड़ा होता है.
तो भाभी बोलीं- दिखाओ कैसे खड़ा होता है.

मैं एक्टिंग करते हुए बोला- मैं चलता हूं … फिर भाभी जी आप देखती रहना.
भाभी ने आंख मारी और बोलीं- नहीं आप रुको, आप गवाह तो रहोगे.

उनके पति भी बोले- हां दीपक, इनको बताओ कि इतना ही सबका खड़ा होता है.
इतने में भाभी बोलीं- तो दिखाओ ना … इंतजार किसका कर रहे हो?

ये कह कर भाभी ने उठ कर सोफे पर बैठे अपने पति का शॉर्ट खींच कर निकाल दिया, साथ ही पलक झपकते ही अंडरवियर भी निकाल फैंका.
उनके पति का पतला सा चार इंच का लंड सामने आ गया.

यह मैं सच्चाई लिख रहा हूँ.
कोई ये नहीं समझे कि मैं अपने लंड की तारीफ कर रहा हूं.
जो हकीकत है, उसी को आपके सामने लिख रहा हूं.

भाभी अपने पति का लंड पकड़ कर बोलीं- लो देखो, बोल रहे थे खड़ा है, इसे खड़ा कहते हैं … आपका इससे ज्यादा कभी नहीं हो पाता है.

सच में भाभी के पति का लंड न तो खड़ा था और न बैठा था.
हालांकि भाभी के पति की तरफ से फुल खड़ा था.

उनके पति बोले- बताओ दीपक, सबका ऐसा ही रहता है या इससे ज्यादा होता है?
भाभी बोलीं- मैं कैसे मान लूं कि सबका ऐसा ही रहता है.

अब भाभी को तो सब मालूम था, वो तो बस एक्टिंग कर रही थीं.
मैंने कहा- तो आप कैसे मानोगी … मूवी में देख लो?

भाभी बोलीं- नहीं, आज तो मैं दूसरा वाला लाइव ही देखूंगी.
मैंने भी एक्टिंग करते हुए कहा- दूसरा कहां से लाऊं?

तो भाभी बोलीं- आप हो तो सामने.
मैं उनकी तरफ देखता ही रह गया.

मैंने कहा- यह आप क्या बोल रही हो भाभी?
तो भाभी बोलीं- आप अपना लंड इनको दिखाओ, तब इनको यकीन होगा.

अब सब बातें खुल कर होने लगी थीं तो मेरा लंड कड़क होने लगा था.

इतने में भाभी के पति भी बोल पड़े- हां दीपक दिखा दो.
मैं ना ना करने लगा.

तभी भाभी मेरे पास आईं और मेरा लोअर नीचे करने लगीं.
मैंने कहा- अरे रुको तो भाभी, मैं कर तो रहा हूं. आप हटो.

मैंने लोअर नीचे किया और भाभी से कहा- अब देख लो.
भाभी बोलीं- अंडरवियर भी नीचे करो, तभी तो देखूंगी.

मैंने अंडरवियर भी नीचे कर दी. मेरा 6.5 इंच का एकदम कड़क लंड रॉड की तरह बाहर निकल आया.

उनके पति की नजर जैसे ही मेरे लंड पर पड़ी, वो देखते रह गए और भाभी मस्त हो गईं.

भाभी अपने पति से बोलीं- देखा, ऐसे होता है लंड खड़ा.
उनके पति की बोलती बंद हो गई.

तभी भाभी बोलीं- क्या मैं इसको टच करके देख लूं?
तो मैं उनके पति की तरफ देखने लगा.

इतने में उनका पति बोला- दीपक, आज इसको जो करना है, कर लेने दो प्लीज. तुम जो कहोगे, मैं करूंगा.

मैंने भाभी की ओर देखा और बोला- ओके भाभी आ जाएं.
भाभी मेरे लंड पर भूखी शेरनी की तरह टूट पड़ीं, अपने घुटनों के बल बैठ कर मुँह में लंड लेकर चूसने लगीं.

मैंने भी देरी न करते हुए भाभी के बूब्स दबाना शुरू कर दिए और भाभी को किस करने लगा था.
दस मिनट लंड चूसने के बाद मैंने कहा- भाभी, मेरा छूटने वाला है.

भाभी ने हाथों से इशारा किया- मुँह में ही निकाल दो.
मैंने सारा माल भाभी के मुँह में ही छोड़ दिया.
भाभी सारा माल गटक गईं और लंड को चाट चाट कर साफ कर दिया.

मैं कुछ मिनट ऐसे ही नंगा बैठा रहा.

भाभी ने मुझे फिर से किस करना चालू कर दिया.
वो मेरे होंठों से होंठ मिला कर मुझे चूमने लगीं और हम दोनों ने लिपकिस करना चालू कर दिया.

इधर मेरा लंड फिर से टनटना कर तैयार हो गया. मैंने भाभी के मम्मों को दबाना शुरू कर दिया.

तभी भाभी का पति करीब आया और उसने मेरे और भाभी के सारे कपड़े निकाल दिए.
उसने कहा- दीपक, आज मेरी बीवी को इतना चोदो कि ये हमेशा के लिए तेरे लंड की दीवानी हो जाए. सड़क पर रांड बनने से अच्छा है कि तेरे साथ ही चुदती रहे.

मैंने कहा- आप बस देखते रहिए.

तब मैंने भाभी को वहीं सोफे पर लिटाया और भाभी की टांगें खोल कर उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया.

भाभी एकदम से तिलमिला गईं और आह आह करती हुई बोलने लगीं- आंह दीपक जल्दी से चोद दो मुझे … अब नहीं रहा जाता … फाड़ दो मेरी चूत … मेरी चूत की आग को शान्त कर दो.

मैं भाभी की चूत चाटता रहा.

थोड़ी देर बाद भाभी पैर फड़फड़ाने लगीं और बोलने लगीं- अब डालो भी मेरी चूत में … आंह मेरी फाड़ दो आंह मेरी चूत को अपने इस मोटे लंड से चोद कर इसका भोसड़ा बना दो.

मैंने भाभी की चूत से मुँह हटाया और गांड के नीचे तकिया लगा कर भाभी के पैर ऊपर उठा दिए.

चूत सामने लपलप कर रही थी … मैंने लंड चूत पर लगाया और एक झटका दे मारा.
भाभी की चीख निकल गई.

उनके पति उठे और उन्होंने भाभी के मुँह में अपना लंड डाल दिया.

वो बोला- दीपक रुकना मत … आज फाड़ दो इस रांड की चूत को!
उनके पति ने लंड मुँह में डाला हुआ था और मैं भाभी की चूत में लंड डाल कर चोदने लगा.

उनके पति का 2 मिनट में ही भाभी के मुँह में पानी निकल गया और वो भाभी के बूब्स चूसने लगे.
भाभी मेरा साथ देने लगीं.

कमरे में मस्त चुदाई की आवाजें गूंजने लगीं- उह आह आह ऊ आह … और जोर से दीपक आह चोद दे … आह मजा आ गया.

पांच मिनट बाद भाभी ने मुझे जोर से पकड़ लिया और वह झड़ गईं.
भाभी की रस भरी चूत में मेरा लंड बुलेट ट्रेन की रफ्तार से चलने लगा था. मेरे झटकों की स्पीड तेज होती जा रही थी.

बहुत देर तक ताबड़तोड़ चूत चोदने के बाद में भाभी की चूत में ही झड़ गया.
तब तक भाभी दो बार झड़ चुकी थीं.
भाभी के चेहरे पर अलग ही मुस्कान थी.

हम तीनों बाथरूम में जाने लगे.

अब भाभी ने अपनी भाषा बदल दी और अपने पति से बोलीं- तू इधर ही रह … अन्दर सिर्फ हम दोनों जाएंगे.

वो चुपचाप जाकर कमरे में बैठ गया.
मैं और भाभी बाथरूम में आ गए.

दोनों ने मिल कर शॉवर लिया.
शॉवर लेते लेते मैंने भाभी को एक बार और चोदा.

इस बार उनका पति बाहर से देख रहा था.

जब मैं जाने लगा, तो भाभी के पति ने मुझे धन्यवाद कहा.

आज के लिए इतना ही.
आप अपनी राय जरूर दें कि आपको मेरी मस्त चुदाई की कहानी कैसी लगी.

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